मीमांसा' समावेशी सदस्यता अधिनियम 2026 (Membership Policy)

वेब पत्रिका 'मीमांसा' के वैचारिक अधिष्ठान और सांगठनिक ढांचे को सुदृढ़ करने के पश्चात, इसे वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर और जन-साधारण तक पहुँचाने के लिए 'समावेशी सदस्यता अभियान' का प्रारूप नीचे दिया गया है।

'मीमांसा' समावेशी सदस्यता अधिनियम (Membership Policy)

उद्देश्य: 'मीमांसा' को मठाधीशों और बाजारवाद के चंगुल से मुक्त रखकर एक 'लोक-केंद्रित' बौद्धिक मंच बनाना। हमारी सदस्यता केवल एक वित्तीय अंशदान नहीं, बल्कि एक वैचारिक आंदोलन से जुड़ने का संकल्प है।

1. सदस्यता की श्रेणियां एवं शुल्क संरचना (Fee Structure)
हमने समाज के हर वर्ग की आर्थिक क्षमता और उनकी सहभागिता को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित श्रेणियां निर्धारित की हैं:

| श्रेणी का नाम | लक्षित वर्ग | वार्षिक शुल्क (₹) | विशेष लाभ |

| विद्यार्थी सदस्य (छात्र) | स्कूल/विश्वविद्यालय के छात्र | ₹ 151/- | ई-सर्टिफिकेट, कार्यशालाओं में प्राथमिकता |

| सामान्य सदस्य (लोक-साधारण) | आम पाठक, किसान, मजदूर | ₹ 351/- | पत्रिका के विशेष डिजिटल संस्करण तक पहुँच |

| विद्वत सदस्य (बुद्धिजीवी) | लेखक, शोधार्थी, प्राध्यापक | ₹ 1,100/- | 'विमर्श' स्तंभ में प्राथमिकता, शोध-पत्र प्रकाशन |

| संस्थागत सदस्य | पुस्तकालय, विद्यालय, ट्रस्ट | ₹ 5,100/- | संस्था के कार्यक्रमों की 'मीमांसा' पर कवरेज।

| संरक्षक सदस्य (विशिष्ट) | राजनेता, समाजसेवी, उद्यमी | ₹ 11,000/- | संरक्षक मंडल में सुझाव देने का अधिकार, वार्षिकोत्सव में आमंत्रण |

| आजीवन सदस्यता | सभी के लिए खुला | ₹ 21,000/- | स्थायी पहचान पत्र, भविष्य में प्रिंट संस्करण निःशुल्क |

2. सदस्यता के लाभ एवं अधिकार
 * बौद्धिक सहभागिता: प्रत्येक सदस्य को पत्रिका के 'पाठक-स्तंभ' में अपनी राय देने का अधिकार होगा।

 * मीमांसा ई-लाइब्रेरी: सदस्यों को हमारी डिजिटल लाइब्रेरी और अभिलेख कक्ष (Archives) का निःशुल्क एक्सेस मिलेगा।

 * निःशुल्क आमंत्रण: 'मीमांसा' द्वारा आयोजित वार्षिक संगोष्ठियों, कवि सम्मेलनों और पुस्तक विमोचन कार्यक्रमों में ससम्मान प्रवेश।

 * विशेष छूट: भविष्य में प्रकाशित होने वाली 'मीमांसा' की विशेष शोध-पुस्तिकाओं और प्रिंट संस्करणों पर 30% तक की छूट।

3. सदस्यता हेतु पात्रता एवं आचार संहिता
'मीमांसा' की सदस्यता ग्रहण करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को निम्नलिखित सिद्धांतों का पालन करना होगा:

 * साहित्यिक शुचिता: वह किसी भी प्रकार की साहित्यिक चोरी (Plagiarism) का समर्थन नहीं करेगा।

 * अ-राजनीतिक विमर्श: पत्रिका का मंच किसी दलगत राजनीति के प्रचार के लिए उपयोग नहीं होगा (राजनेता सदस्य के रूप में जुड़ सकते हैं, परंतु सामग्री केवल लोक-हितैषी होगी)।

 * सद्भाव: सदस्य समाज में वैमनस्य फैलाने वाली किसी भी विचारधारा को पत्रिका के माध्यम से प्रचारित नहीं करेंगे।

4. पारदर्शी कोष प्रबंधन (Financial Transparency)

जैसा कि विधान में 'अधिकोष प्रबंधक' का पद निर्धारित है, सदस्यता से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग निम्नलिखित कार्यों में होगा:

 * वेबसाइट का रख-रखाव और सुरक्षा।

 * अभिलेखों का डिजिटलीकरण।

 * लेखकों और तकनीकी टीम का पारिश्रमिक।

 * 'मीमांसा प्रासाद' (सांस्कृतिक केंद्र) का निर्माण कोष।

5. सदस्यता ग्रहण करने की प्रक्रिया (How to Join)

 * ऑनलाइन पंजीकरण: आधिकारिक वेबसाइट के 'सदस्यता' (Membership) टैब पर जाएं।

 * विवरण भरें: अपना परिचय, रुचि का क्षेत्र और संपर्क विवरण दर्ज करें।

 * भुगतान: अधिकोष प्रबंधक द्वारा निर्धारित आधिकारिक बैंक खाते या QR कोड के माध्यम से सुरक्षित भुगतान करें।

 * पुष्टि: भुगतान के उपरांत 24 घंटों के भीतर आपको 'डिजिटल सदस्यता कार्ड' और वैचारिक घोषणा-पत्र की प्रति ईमेल कर दी जाएगी।

अपील (The Call to Action)

"साहित्य केवल मठाधीशों की जागीर नहीं, यह जन-जन की विरासत है। आइए, एक गिलहरी प्रयास करें और 'मीमांसा' को एक ऐसा वटवृक्ष बनाएं जिसकी छाया में आगामी पीढ़ियां सुरक्षित महसूस करें।"

संपर्क:
ईमेल: Webmimansa@gmail.com
विषय: सदस्यता हेतु आवेदन - [आपका नाम]

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