शोध प्रविधि एवं तकनीक: संक्षिप्त अध्ययन सामग्री
1. शोध: अर्थ एवं स्वरूप, मूलभूत विशेषताएँ
शोध (Research) एक व्यवस्थित और वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य नए ज्ञान की खोज करना या पुराने तथ्यों की पुनर्व्याख्या करना है।
विशेषताएँ: इसमें वस्तुनिष्ठता (Objectivity), विश्वसनीयता (Reliability), वैधता (Validity) और तार्किक विश्लेषण अनिवार्य होता है। यह केवल सूचनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि नए सिद्धांतों का प्रतिपादन है।
2. शोध प्रविधि: परिभाषा, पद्धति एवं प्रकार
शोध प्रविधि वह ढांचा है जिसके भीतर शोध कार्य संपन्न होता है।
प्रकार: मुख्य रूप से विवरणात्मक (Descriptive), ऐतिहासिक (Historical), प्रयोगात्मक (Experimental), और तुलनात्मक (Comparative) पद्धतियाँ अपनाई जाती हैं।
3. शोधार्थी एवं शोध निदेशक: मूलभूत अर्हताएं
शोधार्थी: धैर्य, निष्पक्षता, आलोचनात्मक सोच और विषय के प्रति गहरी रुचि।
निदेशक (Supervisor): विषय विशेषज्ञता, मार्गदर्शन की क्षमता और शोधार्थी को सही दिशा में प्रेरित करने का कौशल।
4. शोध विषय की परिकल्पना, चयन, निर्धारण एवं परिसीमन
चयन: विषय प्रासंगिक और नवीन होना चाहिए।
परिकल्पना (Hypothesis): शोध समस्या का एक अस्थायी समाधान या पूर्व-अनुमान।
परिसीमन (Delimitation): शोध के दायरे को स्पष्ट करना (जैसे- कालखंड, भौगोलिक क्षेत्र या विशिष्ट लेखक तक सीमित करना) ताकि अध्ययन केंद्रित रहे।
5. शोध सामग्री: स्रोत एवं संकलन, नोट कार्ड्स, दस्तावेजीकरण
स्रोत: प्राथमिक (Primary) जैसे मूल पांडुलिपियाँ, साक्षात्कार; और द्वितीयक (Secondary) जैसे आलोचनात्मक पुस्तकें, शोध पत्र।
नोट कार्ड्स: सामग्री को व्यवस्थित करने के लिए कार्ड्स का प्रयोग करना ताकि लेखन के समय संदर्भ आसानी से मिल सकें।
6. शोध प्रस्ताव की रूपरेखा (Synopsis)
यह शोध का 'ब्लूप्रिंट' है। इसमें शोध प्रश्न, समस्या का स्वरूप, अध्ययन की आवश्यकता और शोध का दृष्टिकोण (Perspectives) स्पष्ट किया जाता है।
7. अध्यायों का वर्गीकरण एवं तकनीकी पक्ष
संरचना: शोध प्रबंध को तर्कसंगत अध्यायों में बांटना।
तकनीकी शब्दावली: पाद टिप्पणी (Footnotes), उद्धरण (Citations), उपसंहार, और शोध सारांशिका (Abstract)।
संदर्भ ग्रंथ सूची: अंत में उन सभी पुस्तकों और लेखों की सूची देना जिनका उपयोग किया गया है।
8. पुस्तकालय एवं ऑनलाइन आर्काइव का उपयोग
आधुनिक शोध में भौतिक पुस्तकालय के साथ-साथ डिजिटल संसाधनों (जैसे- Shodhganga, JSTOR, ई-पुस्तकालय) का प्रभावी उपयोग अनिवार्य है। यह सूचनाओं की व्यापकता और सटीकता बढ़ाता है।
9. अंतिम प्रारूप, टंकण एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग
प्रारूप: शोध प्रबंध को निर्धारित मानक (जैसे MLA या APA स्टाइल) के अनुसार व्यवस्थित करना।
कंप्यूटर: MS Word, Excel और हिंदी टाइपिंग (Unicode) का ज्ञान शोध को त्रुटिमुक्त और आकर्षक बनाने में सहायक होता है।
विशेष सुझाव: शोध लेखन के दौरान 'MLA Handbook (8th Edition)' के निर्देशों का पालन करना आपके संदर्भ लेखन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाएगा।
अमन कुमार होली
शोधार्थी, हिंदी विभाग
विश्व-भारती शांतिनिकेतन
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